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विदेश सचिव मिसरी ने नेपाली सेना को सैन्य उपकरण भेंट किए

By admin · · 3 min read · 97 views

काठमांडू। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपनी दो दिवसीय नेपाल यात्रा के दौरान सोमवार को नेपाली सेना को हल्के सैन्य वाहन, क्रिटिकल केयर चिकित्सा उपकरण सहित कई सैन्य उपकरण भेंट किए। इससे पहले 17 अगस्त को मिसरी ने नेपाल के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा विदेश सचिव ने काठमांडू स्थित नेपाली सेना मुख्यालय में आयोजित एक विशेष समारोह में नेपाली सेना के थल सेनाध्यक्ष सुप्रबल जनसेवाश्री जनरल अशोक राज सिगदेल को हल्के लड़ाकू वाहन, क्रिटिकल केयर चिकित्सा उपकरण और मिलिट्री एनिमल्स सौंपे। यह दोनों सेनाओं के बीच घनिष्ठ संबंधों और हमारे मज़बूत रक्षा सहयोग को दर्शाता है। यह विश्वास एवं साझेदारी की भावना का प्रतीक है, जो लंबे समय से हमारे स्थायी संबंधों की विशेषता रही है।
वहीं दूसरी ओर मिसरी ने रविवार को नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल से मुलाकात की। बैठक के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए आपसी हितों के मामलों पर चर्चा की गई। भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा मिसरी ने गहरे सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने के साथ भारत-नेपाल साझेदारी की पुष्टि की तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।
राष्ट्रपति पौडेल ने मिसरी के साथ हुई बैठक के दौरान कहा, ‘‘नेपाल एक निकट पड़ोसी होने के नाते भारत द्वारा सामाजिक-आर्थिक और तकनीकी मोर्चों पर की गई प्रगति से लाभान्वित हुआ है और आगे भी लाभ प्राप्त करना चाहता है।’’ पौडेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति की भी सराहना की और कहा कि नेपाल भी भारत के साथ अपने संबंधों को अत्यधिक महत्व देता है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा भारत-नेपाल के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और हाल के वर्षों में सहयोग के विविध क्षेत्रों में ठोस प्रगति हुई है। भारत अपनी “पड़ोसी प्रथम” नीति के तहत नेपाल के साथ अपने संबंधों को उच्च प्राथमिकता देता है। विदेश सचिव का दौरा दोनों देशों के बीच नियमित उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा को आगे बढ़ाता है और यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने का एक अवसर होगा।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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