ग्लोबल साउथ के सहयोग की अनूठी मिसाल, भारत ने अफ्रीकी देश में बनाया बांध
वागाडुगु। भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (विश्व एक परिवार है) के अपने मूल दर्शन को चरितार्थ करते हुए पश्चिम अफ्रीकी देश बुर्किना फासो में जल और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने…
वागाडुगु। भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (विश्व एक परिवार है) के अपने मूल दर्शन को चरितार्थ करते हुए पश्चिम अफ्रीकी देश बुर्किना फासो में जल और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने…
वागाडुगु। भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (विश्व एक परिवार है) के अपने मूल दर्शन को चरितार्थ करते हुए पश्चिम अफ्रीकी देश बुर्किना फासो में जल और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने…
न्यूयॉर्क। भारत ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक बार फिर वैश्विक व्यवस्था में सुधार को लेकर बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की…
नई दिल्ली। भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देते हुए नई दिल्ली में ‘भारत-कनाडा प्रवासन और गतिशीलता संवाद’ की पहली ऐतिहासिक बैठक आयोजित हुई। इस…
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र दिवस के अवसर पर आयोजित ‘चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल सम्मेलन’ में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक शांति और कूटनीति को लेकर भारत का स्पष्ट…
न्यूयॉर्क। भारत ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद, धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के मुद्दे पर पड़ोसी देश पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव भाविका मंगलानंदन और प्रथम सचिव रघु पुरी ने अलग-अलग चर्चाओं के दौरान तथ्यों के साथ पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर किया।भारत के स्थायी मिशन ने एक बयान में बताया कि ‘धर्म और विश्वास की स्वतंत्रता’ पर विशेष प्रतिवेदक के साथ ‘असाधारण परिस्थितियों में अंतिम संस्कार के अधिकारों’ पर आयोजित एक संवाद में प्रथम सचिव भाविका मंगलानंदन ने हिस्सा लिया। उन्होंने पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह बेहद हैरान करने वाला है कि जो देश 1999 के कारगिल युद्ध में मारे गए अपने ही सैनिकों के शवों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था, वह आज आस्था, धार्मिक स्वतंत्रता और दफनाने के अधिकारों पर इतनी मुखरता से बात कर रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी प्रतिनिधि को याद दिलाया कि यह भारतीय सेना ही थी, जिसने पाकिस्तान द्वारा ठुकराए गए उनके सैनिकों के शवों को पूरे सैन्य सम्मान और इस्लामी रीति-रिवाजों के साथ दफनाकर मानवता का परिचय दिया था।इससे पहले महासभा की तीसरी समिति में आतंकवाद का मुकाबला करने और मानवाधिकारों की रक्षा के विषय पर चर्चा हुई। इस दौरान प्रथम सचिव रघु पुरी ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में तथ्यात्मक कमियों को सुधारते हुए स्पष्ट किया अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद से ही भारत में वांछित है। 1267 प्रतिबंध तंत्र के तहत दाऊद को सूची में शामिल करने के आधिकारिक कारणों के विवरण में यह साफ लिखा है कि वह भारत से बहुत पहले भाग गया था। वह वर्तमान में उसी देश में शरण लिए हुए है, जहां वैश्विक आतंकी ओसामा बिन लादेन छिपा हुआ मिला था और अमेरिकी कार्रवाई में मारा गया था।भारतीय राजनयिकों के इन बयानों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के आतंकी गठजोड़ को बेनकाब कर दिया है।(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)
नई दिल्ली। सऊदी अरब में फंसे भारतीय उमराह तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने में भारतीय विदेश मंत्रालय और वहां स्थित भारतीय मिशन पूरी सक्रियता से जुटे हैं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के चौबीसों घंटे जारी समन्वय के चलते पिछले एक सप्ताह के भीतर 3,000 फंसे हुए उमराह तीर्थयात्री उपलब्ध उड़ानों के माध्यम से सुरक्षित भारत लौट आए हैं।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान में कहा भारतीय मिशन प्रभावित तीर्थयात्रियों की जल्द वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ लगातार संपर्क में हैं। पिछले एक हफ्ते में, सऊदी अरब में फंसे लगभग 3,000 उमराह तीर्थयात्री उपलब्ध उड़ानों के जरिए भारत लौट आए हैं। इसके अलावा, 10,000 से अधिक अन्य उमराह तीर्थयात्री भी, जिनकी पहले से बुकिंग थी, पिछले एक हफ्ते में भारत वापस आ चुके हैं। बाकी उमराह तीर्थयात्रियों की जल्द से जल्द वापसी के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं। जायसवाल ने कहा हमारा दूतावास और महावाणिज्य दूतावास, सामुदायिक स्वयंसेवकों की मदद से हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। भारतीय नागरिकों की मदद के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और समय-समय पर जरूरी एडवाइजरी भी जारी की जा रही है। इस चुनौतीपूर्ण समय में विदेश मंत्रालय और सऊदी स्थित राजनयिक मिशनों ने न केवल अपनी प्रशासनिक मुस्तैदी का परिचय दिया है, बल्कि प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता को भी साबित किया है। प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच रियाद और जेद्दा के मिशनों ने जिस संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाई, वह अत्यंत सराहनीय है। संकट में घिरे अपने नागरिकों के लिए रक्षा कवच बनकर उभरे इन मिशनों के अथक प्रयासों और कुशल कूटनीति के कारण ही सैकड़ों भारतीय आज सुरक्षित अपने वतन और परिवारों के बीच लौट पा रहे हैं।(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)
नई दिल्ली। भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और प्रशांत द्वीपीय देशों के साथ कूटनीतिक जुड़ाव को एक नया विस्तार देते हुए विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा का तीन प्रशांत द्वीप देशों, समोआ, कुक द्वीप समूह और नाउरू गणराज्य, का सात दिवसीय आधिकारिक दौरा संपन्न हो गया है। 16 से 22 अक्टूबर तक चली इस रणनीतिक यात्रा के दौरान भारत ने इन सुदूर द्वीपीय राष्ट्रों के साथ अपने राजनीतिक और विकासात्मक संबंधों को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दृढ़ता से दोहराया।अपने दौरे के विभिन्न चरणों के दौरान राज्य मंत्री ने तीनों प्रशांत द्वीपीय देशों के शीर्ष व वरिष्ठ नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। समोआ की राजधानी अपिया से शुरू हुई इस यात्रा में उन्होंने व्यापार, निवेश, पर्यटन, जलवायु अनुकूलन और क्षमता निर्माण जैसे पारस्परिक हितों के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। इन बैठकों में भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग मंच (फिपिक) के तहत आपसी रणनीतिक संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने पर विशेष बल दिया गया।द्विपक्षीय वार्ताओं के अलावा, राज्य मंत्री ने इन क्षेत्रों में भारत सरकार की वित्तीय व तकनीकी सहायता से चल रही विभिन्न सामाजिक और आर्थिक विकास परियोजनाओं का जमीनी स्तर पर दौरा व निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर कूटनीतिक जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत के प्रमुख कार्यक्रमों,आईटीईसी (आईटीईसी) और आईसीसीआर के पूर्व छात्रों तथा अन्य प्रमुख हितधारकों से भी बातचीत की।मार्गेरिटा ने ‘एक्स’ पर लिखा, नाउरू के आईटीईसी और आईसीसीआर पूर्व छात्रों से मिलकर और भारत में उनके अनुभवों के बारे में सुनकर खुशी हुई। उनकी यात्राएं यह दर्शाती हैं कि भारत की क्षमता-निर्माण पहल ने किस तरह कौशल बढ़ाने और भारत-नाउरू साझेदारी को मजबूत करने में सकारात्मक प्रभाव डाला है।उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा नाउरू में भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। भारत-नाउरू संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका की सराहना की।यह सफल दौरा प्रशांत क्षेत्र के विकासशील देशों के साथ स्थायी कूटनीतिक एकजुटता प्रदर्शित करने और ग्लोबल साउथ की सामूहिक आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की भारत की दीर्घकालिक विदेश नीति का एक अभिन्न हिस्सा है।(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)
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