Wednesday, 22 July 2026
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भारत ने यूएनएससी में आतंकवाद, बाल अधिकारों के हनन पर पाकिस्तान के ‘घोर पाखंड’ को किया उजागर

By admin · · 3 min read · 2 views

न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में पाकिस्तान के ‘नापाक एजेंडे’ को दृढ़ता से खारिज कर दिया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र की प्रक्रियाओं पर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने क्षेत्र में बच्चों के अत्याचार के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों के खिलाफ अत्याचार और आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान का संयुक्त राष्ट्र में उपदेश देना ‘घोर पाखंड’ है।
न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश ने बुधवार को बच्चों और सशस्त्र संघर्ष (सीएसी) पर यूएनएससी की खुली बहस के दौरान तीखा खंडन जारी किया, जिसमें पाकिस्तान पर मंच का दुरुपयोग करने और परिषद के एजेंडे का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा मैं पाकिस्तान के प्रतिनिधि की ओर से की गई राजनीति से प्रेरित टिप्पणियों को खारिज करता हूं। पाकिस्तान सीएएसी एजेंडे के गंभीर उल्लंघनकर्ताओं में से एक है।
भारतीय राजनयिक ने कहा पाकिस्तान अपने नापाक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न चर्चाओं में भारत को बदनाम कर रहा है। वह ऐसा करके अपने ही देश में बच्चों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रहा है। हमारी दुनिया संघर्षों और आतंकी हमलों में एक खतरनाक वृद्धि देख रही है और बच्चे उनके सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
हरीश ने कहा दुनिया 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान और पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित आतंकवादियों के हमले को नहीं भूली है। सीएएसी पर महासचिव की रिपोर्ट पाकिस्तान में सशस्त्र संघर्ष में बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघनों को उजागर करती है। महासचिव ने स्कूलों, विशेष रूप से लड़कियों के स्कूलों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ हमलों सहित इस तरह के गंभीर उल्लंघनों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा यूएन महासचिव ने अपनी रिपोर्ट में अफगानिस्तान के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों की घटनाओं के बारे में बताया है, जहां अफगान बच्चों की हत्या हुई, जिसे सीधे पाकिस्तानी सशस्त्र बलों द्वारा सीमा पार गोलाबारी और हवाई हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। पाकिस्तानी सेना ने मई 2025 में हमारे सीमावर्ती गांवों पर जानबूझकर गोलाबारी की, जिसमें कई नागरिक मारे गए और घायल हुए। इस तरह के व्यवहार के बाद संयुक्त राष्ट्र में उपदेश देना ‘घोर पाखंड’ है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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