Wednesday, 22 July 2026
Latest News

मालदीव की खाद्य जरूरतों को पूरा करेगा भारत, कई वस्तुओं के निर्यात को मंजूरी

By admin · · 2 min read · 2 views

नई दिल्ली। भारत ने मालदीव की बढ़ती खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए आलू, प्याज, चावल, गेहूं का आटा, चीनी, दाल, अंडे, पत्थर के टुकड़े (स्टोन एग्रीगेट) और नदी की रेत के निर्यात की अनुमति दी है। यह कदम दिखाता है कि भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत मालदीव में मानव केंद्रित विकास का समर्थन करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
भारत और मालदीव के बीच वर्ष 2025-26 के लिए द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत कई जरूरी चीजों के निर्यात को मंजूरी दी गई है। मालदीव स्थित भारतीय उच्चायोग के मुताबिक मालदीव सरकार के अनुरोध पर भारत सरकार ने एक अद्वितीय द्विपक्षीय तंत्र के तहत वर्ष 2025-26 के लिए आवश्यक वस्तुओं की कुछ मात्राओं के निर्यात की अनुमति दी है, जिसमें इनमें से प्रत्येक वस्तु के लिए कोटा को संशोधित करके ऊपर की ओर बढ़ाया गया है। स्वीकृत मात्राएं 1981 में इस व्यवस्था के लागू होने के बाद से सबसे अधिक हैं।
उच्चायोग ने कहा मालदीव में तेजी से बढ़ते निर्माण उद्योग के लिए महत्वपूर्ण नदी रेत और स्टोन एग्रीगेट के लिए कोटा 30% बढ़ाकर 1,300,000 मीट्रिक टन कर दिया गया है। दालों में 56% की अभूतपूर्व वृद्धि के साथ अंडे, आलू, प्याज, चीनी, चावल, गेहूं के आटे के कोटे में भी 5% की वृद्धि हुई है। पिछले वर्षों में, भारत ने इन वस्तुओं के निर्यात पर दुनिया भर में प्रतिबंध के बावजूद मालदीव को चावल, चीनी और प्याज का निर्यात जारी रखा।
अनुमति दिए गए निर्दिष्ट मात्रा में आलू (22,589 टन), प्याज (37,537 टन), चावल (1,30,429 टन), गेहूं का आटा (1114621 टन), चीनी (67719 टन), दाल (350 टन), पत्थर टुकड़े (13 लाख टन) और नदी की रेत (13 लाख टन) शामिल हैं। इस अवधि के दौरान मालदीव को इन वस्तुओं के निर्यात को किसी भी मौजूदा या भविष्य के प्रतिबंध/निषेध से छूट दी जाएगी।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

admin

Leave a Comment