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योगी सरकार में हिंदुत्व के मुद्दों पर संतों का समागम, वीएचपी की सक्रिय भागीदारी

By admin · · 2 min read · 7 views

प्रयागराज, 25 जनवरी: महाकुंभ 2025 को लेकर पूरे विश्व में चर्चा हो रही है। इसी बीच योगी सरकार के नेतृत्व में आयोजित इस महाकुंभ में संतों और संगठनों का संगम देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने तमिलनाडु से आए दर्पण आश्रम के संस्थापक और सहज स्मृति योग के प्रणेता गुरुजी नंदकिशोर तिवारी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान धर्म और समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

महाकुंभ में धर्म संसद के आयोजन पर संत और संगठन करेंगे महत्वपूर्ण निर्णय।

गुरुजी नंदकिशोर तिवारी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में सनातन समाज की चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने में आध्यात्मिक गुरुओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज और संगठनों को मिलकर इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस समागम का उद्देश्य यह तय करना है कि भारत की सनातनी शक्ति को महाकुंभ के माध्यम से पूरे विश्व में किस प्रकार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए।

तमिलनाडु से आए गुरुजी नंदकिशोर तिवारी से वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार ने की मुलाकात।

तमिलनाडु में दर्पण आश्रम के संस्थापक और सहज स्मृति योग के प्रणेता गुरुजी नंदकिशोर तिवारी महाकुंभ में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दौरान वे सनातन भारतीय आध्यात्मिक दृष्टिकोण के महत्वपूर्ण पहलुओं को संत समाज के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उनकी चर्चित पुस्तक ‘सहज स्मृति योग’, जो हाल ही में प्रकाशित हुई है, पर भी संतों और जिज्ञासुओं के बीच चर्चा की जाएगी। यह पुस्तक महाकुंभ के दौरान सनातनी समाज की आध्यात्मिक उन्नति का एक अहम दस्तावेज साबित हो सकती है।
महाकुंभ में होने वाली धर्म संसद के आयोजन को लेकर संत और संगठन एक निचोड़ निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस समागम से यह भी तय किया जाएगा कि आध्यात्मिक और सामाजिक समस्याओं के समाधान में सनातनी परंपराओं को किस प्रकार सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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