Wednesday, 22 July 2026
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जी-20 समेत कई मुद्दों पर जयशंकर ने हिंदू कॉलेज स्टूडेंट्स से की बातचीत

By admin · · 3 min read · 3 views

जी-20 समेत कई मुद्दों पर जयशंकर ने हिंदू कॉलेज स्टूडेंट्स से की बातचीत

भारत ने ऐसे समय में जी20 की अध्यक्षता संभाली है। जब भारत दुनिया के लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदू कॉलेज के छात्रों के साथ बातचीत करते हुए कहा सच तो यह है कि भारत ने ऐसे समय में जी-20 की अध्यक्षता संभाली है, जब दुनिया के लिए भारत का महत्व बढ़ता जा रहा है। यह दुनिया के लिए आंशिक रूप से हमारी आर्थिक उपलब्धियों के कारण अधिक मायने रखता है क्योंकि अब हम पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गए हैं।
आज हम वैश्विक कार्यस्थल, वैश्विक प्रतिभा पूल के लिए आवश्यक माने गए हैं। यह मायने रखता है क्योंकि हमने भी आज एक क्षमता का प्रदर्शन किया है। हमने दूसरे देशों की मदद करने की क्षमता प्रदर्शित की है। इसलिए जी-20 की भारत की अध्यक्षता से अपेक्षाएं और जिम्मेदारियां बहुत असाधारण हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आगे कहा कि हमने इंटरनेशनल सोलर अलायंस के जरिए सौर ऊर्जा को लेकर दुनिया की सोच बदल दी है। आज हम अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के माध्यम से दुनिया की खान-पान की आदतों को बदलने का प्रयास कर रहे हैं। हमने आपदा प्रतिक्रिया के गठबंधन के माध्यम से आपदाओं का जवाब देने का एक सामूहिक तरीका बनाया है।
आज भारत ने जहां प्रौद्योगिकी में बड़ी छलांगें लगाई हैं, बल्कि यह एक ऐसा देश भी है, जिसे आज वास्तव में वैश्विक प्रगति को आगे बढ़ाने वाले के रूप में देखा जाता है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा इसलिए मुझे पूरा विश्वास है कि जब एक दिन आप सभी पीछे मुड़कर देखेंगे, तो आप सभी 2023 को भारत के लिए एक बड़े वर्ष के रूप में याद करेंगे, एक ऐसे वर्ष के रूप में जब हमारी जी-20 अध्यक्षता ने हमें दुनिया के मानचित्र पर एक अलग स्थान पर खड़ा किया।
चंद्रयान-3 पर विदेश मंत्री ने कहा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हम शारीरिक रूप से वहां मौजूद थे, लेकिन मानसिक रूप से हम बेंगलुरु में थे, क्योंकि पूरे समय प्रधानमंत्री के साथ-साथ हमारे मन में भी चंद्रयान का ही विचार था।
लेकिन, शाम को बातचीत का एक ही विषय था, बातचीत का वह विषय था चंद्रयान-3 की लैंडिंग। उस दिन मेरे लिए सबसे बड़ी संतुष्टि सभी नेताओं की यह भावना थी कि भारत ने यह कर दिखाया है।
(रिपोर्ट:शाश्वत तिवारी)

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