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गुजरात के जामनगर में रखी गई डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की आधारशिला, पड़ोसी देशों ने दी बधाई-(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

By admin · · 3 min read · 57 views

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलावर को जामनगर में मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ०टेड्रोस घेब्रेयसस की उपस्थिति में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (जीसीटीएम) की आधारशिला रखी। इस अवसर पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा और भूटान के प्रधानमंत्री लोतेय त्शेरिंग ने भारत को बधाई दी है।

बांग्लदेश, नेपाल, और भूटान के प्रधानमंत्रियों ने वीडियो संदेश जारी कर भारत की दी शुभकामनाएं।

बांग्लादेश स्थित भारतीय दूतावास ने प्रधानमंत्री शेख हसीना का वीडियो संदेश ट्वीट करते हुए कहा बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत के गुजरात में स्थापित होने वाले नए डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं डॉ. टेड्रोस को बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा में स्थिरता, समानता और नवाचार लाने पर अपना ध्यान केंद्रित करने की सराहना की है।
नेपाल स्थित भारतीय दूतावस ने इस संबंध में ट्वीट किया गुजरात के जामनगर में आयोजित ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की आधारशिला कार्यक्रम में नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा ने कहा है कि यह केंद्र पारंपरिक चिकित्सा और मानव जाति की भलाई को बढ़ावा देने में एक लंबा सफर तय करेगा।
वहीं भूटान में मौजूद भारतीय दूतावास ने वहां के प्रधानमंत्री लोतेय त्शेरिंग का वीडियो संदेश शेयर किया। जिसमें भूटान के प्रधानमंत्री ने कहा हम भूटानी “टेंड्रेल” में विश्वास करते हैं, शुभ शुरुआत जिसके आशाजनक परिणाम मिलेंगे। हम भारत में सही गंतव्य देखते हैं, जहां पारंपरिक चिकित्सा में सबसे पुरानी और विविध प्रथाएं हैं। जो महामारी के दौर में सही समय पर प्रकाश बनकर सामने आईं।

क्या है जीसीटीएम:
जीसीटीएम दुनिया भर में पारंपरिक चिकित्सा के लिए पहला और एकमात्र वैश्विक आउटपोस्ट केंद्र होगा। ग्लोबल ट्रेडीशनल मेडिसिन सेंटर में 138 देशों की दवाओं पर शोध किया जाएगा। इसमें पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के शोध, प्रसार पर बड़े पैमाने पर काम होगा, जो वैश्विक कल्याण के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभरेगा।

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