Aishwarya Rai Bachchan से पनामा पेपर्स लीक केस में पूछताछ, ED ने पूछे ये सवाल, सदन में जया हुईं नाराज; किसने तोड़ा बच्चन फैमिली का भरोसा-(रिपोर्ट-अनुश्री श्रीवास्तव)
पनामा पेपर लीक मामले में आज ऐश्वर्या राय बच्चन को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने पूछताछ के लिए दिल्ली ईडी दफ्तर बुलाया. बताया जा रहा है कि तीसरे नोटिस पर ऐश्वर्या ईडी दफ्तर में पेश हुईं. ईडी दफ्तर में ऐश्वर्या राय बच्चन की साढ़े छह घंटों तक पूछताछ चली. ईडी के टॉप सोर्सेज से आज तक पूछताछ से जुड़ी कुछ डिटेल मिली हैं. जानकारी के मुताबिक ऐश्वर्या राय का समाना पनामा पेपर्स से हुआ, कई वित्तिय लेनदेने के दस्तावेज सामने रखते पूछताछ हुई. बताया जा रहा है कि ऐश्वर्या ने तमाम सवालों के जवाब दिए. आरोप है कि अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने पनामा की इस Law Firm के माध्यम से चार कम्पनियों का गठन किया और इन कम्पनियों के डायरेक्टर वो खुद थे. इनमें से तीन कम्पनियां Bahamas में रजिस्टर्ड थीं और एक British Virgin Island में स्थित थी.
Panama Papers Leak में ये आरोप लगाए गए कि ये कम्पनी असल में एक शेल कंपनी थी यानी फर्जी कंपनी थी, जो केवल टैक्स बचाने के लिए बनाई गई थी. ED इस केस को मनी लॉन्ड्रिंग का केस मान कर जांच कर रहा है. कुछ महीने पहले इसी मामले में ED द्वारा अभिषेक बच्चन से भी पूछताछ की गई थी. सोमवार को जब ऐश्वर्या राय बच्चन दिल्ली में ED के दफ्तर जाने के लिए शायद रास्ते में होंगी, उस समय अमिताभ बच्चन ने एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि भरोसा एक ऐसी चीज है, जिसके टूटने पर कोई आवाज तो नहीं आती लेकिन उसकी गूंज जीवन भर सुनाई देती है.
अमिताभ बच्चन की इन बातों से लगता है कि वो इस घटनाक्रम को लेकर बहुत आहत हैं. अब तक सबको ऐसा ही लगता था कि अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद नजदीकी रिश्ते हैं. वर्ष 2010 में जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय अमिताभ बच्चन को Gujarat Tourism का Brand Ambassador बनने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे अमिताभ ने सहर्ष स्वीकार लिया था.
सोमवार को जया बच्चन भी संसद में काफी नाराज दिखीं. हांलाकि उन्होंने सीधे तो इस मामले का जिक्र नहीं किया लेकिन उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के जल्द बुरे दिन आने वाले हैं.