Saturday, 5 September 2026 Live24×7 News India media
Breaking
  • भारत की दो टूक- अधूरे सुधार से नहीं बदलेगी यूएनएससी की तस्वीर
Latest News

विदेश राज्यमंत्री का केन्या दौरा, पर्यावरण, सांस्कृतिक कूटनीति पर जोर

By admin · · 3 min read · 137 views

नैरोबी। विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह केन्या के दौरे पर हैं, जहां वे उच्च-स्तरीय राजनयिक बैठकों, पर्यावरणीय सहयोग वार्ता और महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। यह अफ्रीकी और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के साथ भारत की साझेदारी की बहुआयामी प्रकृति को दर्शाता है। सिंह 9 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा (यूएनईए) के सातवें सत्र में भाग लेने के लिए केन्या रवाना हुए थे।
राज्यमंत्री सिंह ने रूसी संघ के प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरण उप मंत्री दिमित्री टेटेनकिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में चर्चा के क्षेत्रों पर प्रकाश डाला, जिनमें जलवायु कार्रवाई, स्थायी संसाधन प्रबंधन, जंगल की आग की रोकथाम, बाजों का संरक्षण और भारत तथा रूस के बीच पर्यावरणीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीके शामिल रहे। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” गहरी होती जा रही है, जिसमें दोनों देश अधिक स्थायी ग्रह के लिए एक साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उसी दिन बाद में मंत्री ने केन्या के पर्यटन राज्य विभाग के प्रधान सचिव जॉन ओलोल्टुआ से पर्यटन और वन्यजीव मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की। उनकी चर्चा भारत और केन्या के बीच वन्यजीव संरक्षण में बढ़ते सहयोग पर केंद्रित थी। दोनों पक्षों ने वन्यजीव संरक्षण, पारिस्थितिक संरक्षण और ज्ञान के आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
इसके बाद राज्यमंत्री ने नॉर्वे के जलवायु और पर्यावरण मंत्री एंड्रियास ब्जेलैंड एरिक्सन से भी मुलाकात की, ताकि जलवायु कार्रवाई में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, समुद्री कचरे से निपटने और स्थायी महासागर प्रबंधन को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श किया जा सके।
इस यात्रा के दौरान सिंह ने केन्या के ऐतिहासिक श्री राम मंदिर में आयोजित समारोहों में भी भाग लिया, जो यूनेस्को द्वारा दिवाली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल करने की याद में आयोजित किया गया था। 1919 में बना यह सदी पुराना मंदिर भारत और केन्या के बीच साझा विरासत और स्थायी सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

admin

Leave a Comment