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अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता का कारक रहा भारत-रूस संबंध

By admin · · 3 min read · 112 views

मॉस्को। भारत और रूस के बीच अगले महीने होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बीच दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने महत्वपूर्ण बैठक की है। विदेश मंत्री डॉ0 एस0 जयशंकर ने मॉस्को में अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने नई दिल्ली में रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव निकोलाई पेत्रुशेव से मुलाकात की। ये मुलाकातें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिसंबर में होने वाली भारत यात्रा की उम्मीदों के बीच हुई हैं।
मॉस्को में हुई मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत-रूस संबंधों को अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता का एक महत्वपूर्ण कारक बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि इस साझेदारी का विकास दोनों देशों और वैश्विक व्यवस्था के हित में है। उन्होंने बताया कि बातचीत का मुख्य फोकस 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों और वैश्विक मुद्दों पर रहा।
जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान अपने प्रारंभिक वक्तव्य में कहा यह विशेष अवसर मेरे लिए और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा और 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय समझौते, पहल और परियोजनाएं चर्चा के अधीन हैं। हम आने वाले दिनों में इनके अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद करते हैं। यह निश्चित रूप से हमारी ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ में और अधिक गहराई और महत्व जोड़ेगा। डॉ. जयशंकर ने लावरोव को बताया कि शिखर सम्मेलन के एजेंडे की सक्रिय रूप से समीक्षा की जा रही है और दोनों पक्ष ठोस परिणाम हासिल करने के लिए काम कर रहे हैं।
जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा व्यापार और निवेश, ऊर्जा, गतिशीलता, कृषि, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों के बीच आदान-प्रदान को शामिल करते हुए हमारी द्विपक्षीय साझेदारी पर चर्चा हुई। क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।’’ इसके बाद जयशंकर ने मंगलवार को एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें व्यापार, अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक और मानवीय सहयोग पर जोर दिया गया। इस दौरान भारत ने मुक्त व्यापार और सुधार उन्मुख एजेंडा की भी वकालत की।
विदेश मंत्री जयशंकर दोहा की आधिकारिक यात्रा के बाद मॉस्को पहुंचे थे, जहां उन्होंने कतर के अमीर शेख तमिम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की। उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल-थानी से भी चर्चा की। दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया और इस दौरान भारत व कतर के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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