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सुनीता विलियम्स “अंतरिक्ष की परी” धरती पर लौटीं(शाश्वत तिवारी)

By admin · · 2 min read · 129 views

शून्य गुरुत्वाकर्षण में सलाद पत्ता उगाने से लेकर 62 घंटे अंतरिक्ष में चहलकदमी के रिकार्ड तक, सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में विस्तारित समय का सर्वोत्तम उपयोग किया।
अंतरिक्ष में फंसी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर सकुशल लौट आए हैं। उनके साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी 18 मार्च को स्पेस स्टेशन से रवाना हुए।
चारों एस्ट्रोनॉट के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होने के बाद सुबह 08:35 बजे इस स्पेसक्राफ्ट का हैच यानी, दरवाजा बंद हुआ और 10:35 बजे स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अलग हुआ। यह 19 मार्च को सुबह लगभग 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर लैंड हुई। चारो एस्ट्रोनाट्स के साथ स्पेश एक्स ड्रैगन यान ने फ्लोरिडा में सफल लैंडिंग की।
अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद यानी कि 286 दिन बाद धरती पर लौटी हैं। इस लैंडिग को एक तरह से जीवनदान वाला मोमेंट भी कहा जा सकता है। जब वह वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद उनके कैप्सुल का पैरासूट खुला और वह समंदर में लैंड किया तो नजारा काफी ही दिव्य था।
उनके स्वागत में जो पहुंचा उस पर आपको विश्वास नहीं होगा। जब कैप्सूल को वापस लाने का ऑपरेशन चल रहा था, तब डॉल्फ़िन कैप्सूल के चारों ओर तैर रही थीं। रिकवरी पोत ने कैप्सूल को पानी से सफलतापूर्वक बाहर निकाला, जिसके बाद सितंबर के बाद पहली बार कैप्सूल का साइड हैच खोला गया। अंतरिक्ष यात्री कैप्सूल से बाहर निकले और उन्हें 45-दिवसीय पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन ले जाया गया।
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