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भारत ने अरब-यूनिवर्सिटीज प्रेसीडेंट्स के पहले सम्मेलन की मेजबानी की

By admin · · 2 min read · 58 views

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अरब राज्यों के संघ (एलएएस) के सहयोग से यहां सुषमा स्वराज भवन में अरब-यूनिवर्सिटीज प्रेसीडेंट्स के पहले सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की। 5-6 फरवरी को आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम भारत और एलएएस के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए शिक्षा कार्यक्षेत्र का एक हिस्सा था।
इस सम्मेलन का उद्घाटन 5 फरवरी को विदेश राज्य मंत्री कृतिवर्धन सिंह ने किया। इस दौरान लीबिया के शिक्षा मंत्री इमरान मुहम्मद अल-क़ीब ने एक विशेष संबोधन दिया, जिसके बाद यूजीसी के अध्यक्ष प्रोफेसर ममीडाला जगदीश कुमार, अरब विश्वविद्यालयों के संघ के महासचिव डॉ. अमर इज़्ज़त सलामा और एलएएस में शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के निदेशक फ़राज अलजमी ने अपने विचार रखे।
पहले दिन चार प्रमुख सत्र हुए, जिनमें भारत और एलएएस के बीच उच्च शिक्षा और कौशल विकास सहयोग, डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म सहित अभिनव शैक्षणिक दृष्टिकोण, डिग्री और अकादमिक सहयोग की पारस्परिक मान्यता में चुनौतियां और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और जैव प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और नवाचार शामिल थे। 6 फरवरी को, संकाय और छात्र विनिमय और पाठ्यक्रम विकास पर एक सत्र के साथ उपयोगी चर्चा हुई, जिसने शैक्षिक साझेदारी को और मजबूत किया।
कार्यक्रम का समापन यूजीसी के सचिव की अध्यक्षता में एक समापन समारोह के साथ हुआ, जिन्होंने समापन भाषण भी दिया। ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे एलएएस सदस्य देशों के साथ भारत मजबूत संबंध साझा करता है। यह सहयोग न केवल अकादमिक जुड़ाव को बढ़ाता है, बल्कि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत और अरब दुनिया के बीच गहरे सहयोग की नींव भी रखता है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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