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उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में भारत और सेनेगल ने तीन समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर-(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

By admin · · 4 min read · 135 views

भारत और सेनेगल ने गुरुवार को तीन समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। भारत की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री, डॉ०भारती पवार और सेनेगल की विदेश मंत्री अस्साता टाल साल ने राजधानी डकार में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और सेनेगल के राष्ट्रपति सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी साल की उपस्थिति में समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए और उनका आदान-प्रदान किया।

उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ उपराष्ट्रपति नायडू तीन देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव पर पहुंचे सेनेगल।

विदेश मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी एक बयान के अनुसार प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान पहला समझौता ज्ञापन राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों की वीजा मुक्त को लेकर है जो अधिकारियों/राजनयिकों की निर्बाध यात्रा प्रदान करेगा और दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा।

समझौता ज्ञापन पर भारत की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती पवार और सेनेगल की विदेश मंत्री अस्साता टाल साल ने किया हस्ताक्षर।

मंत्रालय के बयान के मुताबिक दूसरा समझौता 2022-26 की अवधि के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (सीईपी) के नवीनीकरण से संबंधित है। इस पर भारतीय और सेनेगल संस्कृति की समृद्धि की सराहना करते हुए उप राष्ट्रपति नायडू ने विश्वास व्यक्त किया कि सीईपी के नवीनीकरण के साथ, अधिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान होगा, जिससे हमारे लोगों से लोगों के संपर्क मजबूत होंगे।
तीसरा समझौता ज्ञापन युवा मामलों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के प्रयास को लेकर है। उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा कि भारत और सेनेगल दोनों में अपेक्षाकृत युवा आबादी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता ज्ञापन सूचनाओं, ज्ञान, अच्छी प्रथाओं और युवाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से हमारे दोनों देशों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी होगा।
मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि सेनेगल के राष्ट्रपति के साथ हुई वार्ता में उपराष्ट्रपति ने नायडू ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ढांचे के माध्यम से सेनेगल के सामाजिक-आर्थिक विकास में सहयोग करने की भारत की प्रतिबद्धता का आश्वासन दिया। उन्होंने अफ्रीका के आदर्श लोकतंत्रों में से एक के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए सेनेगल की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत इस संबंध में सेनेगल की सफलता की सराहना करता है। उप राष्ट्रपति नायडू ने आगे कहा कि लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के ये साझा मूल्य दोनों देशों के बीच मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंधों का आधार हैं।
उपराष्ट्रपति नायडू ने इस तथ्य पर प्रसन्नता व्यक्त की कि कोविड-19 महामारी के बावजूद भारत-सेनेगल के बीच व्यापार पिछले एक वर्ष में 37% की वृद्धि के साथ 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। उन्होंने विशेष रूप से कृषि, तेल और गैस, स्वास्थ्य, रेलवे, खनन, रक्षा, हरित ऊर्जा आदि के क्षेत्रों में हमारे व्यापार में विविधता लाने का भी आह्वान किया।
बता दें कि उप राष्ट्रपति नायडू अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव पर बुधवार को सेनेगल पहुंचे थे, जहां डकार हवाई अड्डे पर सेनेगल की ओर से विदेश मंत्री एसाता टाल साल ने उनका स्वागत किया। उप राष्ट्रपति की सेनेगल की यह पहली उच्च स्तरीय भारतीय यात्रा है, जो भारत और सेनेगल के बीच राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। इस यात्रा पर उनके साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉo भारती प्रवीण पवार तीन संसद सदस्य सुशील कुमार मोदी, विजय पाल सिंह तोमर और पी० रवींद्रनाथ सहित एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल है।

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