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पीडीओटी केंद्रों की संख्या को सौ से ज्यादा करने की योजना पर काम कर रही है सरकार-(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)

By admin · · 3 min read · 2 views

विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि देश भर में इस समय पीडीओटी के 30 केंद्र संचालित हैं, जो राष्ट्रीय कौशल विकास निगम और राज्य सरकारों के साथ मिलकर चलाए जा रहें हैं। भविष्य में इनकी संख्या सौ से ज्यादा होगी, इस योजना पर सरकार काम कर रही है। साथ ही सीआई, फिक्की, एसोचैम और एमईआईटीवॉय जैसे संस्थानों को पार्टनर के तौर पर इसके साथ जोड़ा जाएगा। वह बुधवार को पूर्व-प्रस्थान उन्मुखीकरण प्रशिक्षण (पीडीओटी) कार्यक्रम की सफलता को लेकर आयोजित एक समारोह को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

समारोह में बोलते हुए विदेश राज्य मंत्री मुरलीधर ने पीडीओटी कार्यक्रम के प्रभाव और पहुंच को और अधिक बढ़ाने के लिए भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा की जा रहीं पहलों को रेखांकित किया। कार्यक्रम में विदेश राज्य मंत्री ने पीडीओटी के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 1 लाख वें प्रतिभागी को प्रमाण पत्र सौंपने के साथ ही नया पीडीओटी पोर्टल http://pdot.mea.gov.in भी लॉन्च किया। इससे खाड़ी और इमिग्रेशन चेक रिक्वायर्ड (इसीआर) देशों में काम की तलाश में जाने वाले भारतीय कामगारों को काफी मदद मिलेगी।

विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने बताया कि इस वर्ष के शुरुआत में जापान की स्पेशलाइज्ड स्किल्ड वर्कर्स (एसएसडब्ल्यू) योजना को लेकर भारत और जापान के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ था। इससे हमारे श्रमिकों को चुनिंदा 14 क्षेत्रों में जापान में काम करने का अवसर मिलेगा। इसके लिए पीडीओटी मैनुअल का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2021 से ऑनलाइन पीडीओटी कार्यक्रम शुरू किया गया। इससे दूर दराज इलाकों में रहने वाली महिला कामगारों को काफी लाभ मिला है। देश और क्षेत्र विशेष पीडीओटी प्रशिक्षण नियमावली का विकास किया जा रहा है।

क्या है पीडीओटी:

विदेश मंत्रालय ने विशेष रूप से खाड़ी देशों और अन्य ईसीआर देशों में जाने वाले भारतीय प्रवासी कामगारों की सॉफ्ट स्किल्स को बढ़ाने के लिए 2018 में पीडीओटी कार्यक्रम शुरू किया था। यह कार्यक्रम प्रवासी कामगारों को गंतव्य देश की संस्कृति, भाषा, परंपरा और स्थानीय नियमों और विनियमों को समझने में मदद करता है। इससे उन्हें अपने कल्याण और संरक्षण के लिए चलाई जा रहीं विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे- प्रवासी भारतीय बीमा योजना, भारतीय समुदाय कल्याण कोष, मदद पोर्टल, प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र आदि को जानने में भी मदद मिलती है।

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