थिम्पू। भारत के सहयोग से भूटान में जारी 1020 मेगावाट पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना की यूनिट 6 (170 मेगावाट) को पावर ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया है। इस अवसर पर परियोजना के पावरहाउस में एक समारोह आयोजित किया गया, जिसमें जलविद्युत परियोजना की आखिरी और फाइनल छठी यूनिट के सफलतापूर्वक संपूर्ण होने का जश्न मनाया गया। यह भूटान में भारत के सहयोग से स्थापित पांचवीं प्रमुख जलविद्युत परियोजना है, जिसके शुरू होने के साथ ही उसकी बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 40% बढ़कर 3500 मेगावाट से अधिक हो गई है।
परियोजना की सभी यूनिट के चालू होने के साथ ही दोनों देशों के बीच स्थापित ऊर्जा सहयोग को और मजबूती मिली है। पुनात्सांगछू-II महज एक बिजली परियोजना नहीं है, बल्कि यह भारत-भूटान साझेदारी की ताकत का भी प्रमाण है, जो स्वच्छ ऊर्जा, साझा समृद्धि और दोनों देशों के लिए एक हरित भविष्य प्रदान करता है। यह भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति की मजबूत प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है, जिस पर चलते हुए भारत अपने जरूरतमंद पड़ोसी देशों की विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर मदद करता रहा है। समारोह में भूटान के प्रधानमंत्री दशो शेरिंग तोबगे सहित भूटान में भारतीय राजदूत सुधाकर दलेला और भारतीय विदेश मंत्रालय में विशेष सचिव एवं वित्तीय सलाहकार अनुराग अग्रवाल तथा वाप्कोस के प्रतिनिधियों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
भूटान स्थित भारतीय दूतावास ने 27 अगस्त को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में स्थायी भारत-भूटान साझेदारी का एक ज्वलंत प्रतीक है। 1020 मेगावाट क्षमता वाली परियोजना की यह छठी इकाई है, जिसे आज ग्रिड से जोड़ दिया गया और यह विशाल परियोजना पूरी हो चुकी है। दिसंबर 2024 में पहली इकाई के चालू होने के बाद से इस परियोजना ने 2160 मिलियन यूनिट से अधिक स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न की है। यह उपलब्धि सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
भारतीय दूतावास ने एक बयान में कहा भारत और भूटान दोनों सरकारों ने भूटान में पांच प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं के विकास में भागीदारी की है, जिसमें चुखा जलविद्युत परियोजना (336 मेगावाट), कुरिचु जलविद्युत परियोजना (60 मेगावाट), ताला जलविद्युत परियोजना (1020 मेगावाट), मंगदेछु जलविद्युत परियोजना (720 मेगावाट) और पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना (1020 मेगावाट) शामिल है। पुनात्सांगछू-II परियोजना के पूरा होने के साथ, भूटान की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 40% बढ़कर 3500 मेगावाट से अधिक हो गई है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)
