वैश्विक एजेंडे को कुछ लोगों के हितों तक सीमित नहीं कर सकते: डॉ. जयशंकर

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जोहान्सबर्ग। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हालिया वैश्विक हालात पर भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि मतभेदों को विवाद नहीं बनना चाहिए, विवादों को संघर्ष नहीं बनना चाहिए और संघर्षों को बड़े विघटन का कारण नहीं बनना चाहिए। जयशंकर जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका के दो दिवसीय दौरे पर हैं।
उन्होंने यहां बैठक को संबोधित करते हुए बहुपक्षीयता और राष्ट्रहित पर जोर दिया और मध्य पूर्व, समुद्री सुरक्षा, यूक्रेन संघर्ष, इंडो-पैसिफिक और संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर भारत की स्थिति प्रस्तुत की। जयशंकर ने कहा वैश्विक एजेंडे को कुछ लोगों के हितों तक सीमित नहीं किया जा सकता है। भू-राजनीति एक वास्तविकता है, मगर राष्ट्रीय हित पहले हैं। हम सभी के लिए पिछले कुछ वर्षों के कुछ सबक हैं। उन पर विचार किया जाना चाहिए। हम दुनिया को एक बेहतर जगह पर ले जाना चाहते हैं।
इस दौरान विदेश मंत्री ने बैठक से इतर कई देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात भी की। जयशंकर ने एक ‘एक्स’ पोस्ट में कहा सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ हमेशा अच्छी बातचीत होती है, इस बार यह जोहानिसबर्ग में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर हुई। वैश्विक स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने ब्राजीलियाई समकक्ष माउरो विएरा के साथ द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक घटनाक्रम और जी20 तथा ब्राजील की ब्रिक्स अध्यक्षता में दोनों देशों के कार्यों पर चर्चा की।
इसके अलावा जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से मुलाकात की। उन्होंने भारत और रूस के बीच सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय चर्चा भी की।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा इस बैठक में विदेश मंत्री की भागीदारी जी20 देशों के साथ भारत के जुड़ाव को मजबूत करेगी और इस महत्वपूर्ण मंच पर वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करेगी।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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