आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अफ्रीकी देशों के साथ खड़ा भारत

0
138

न्यूयॉर्क। भारत ने आतंकवाद का मुकाबला करने को लेकर अफ्रीकी देशों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अपना योगदान सक्रिय रूप से जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने यूएनएससी ओपन डिबेट में ‘अफ्रीका के नेतृत्व वाले और विकास-केंद्रित आतंकवाद’ पर भारत का वक्तव्य देते हुए अफ्रीकी देशों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा भारतीय राजदूत हरीश ने अफ्रीका में आतंकवाद के संकट को हराने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए एक मजबूत, प्रभावी और सुसंगत प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला और इसके लिए दुनिया को एक साथ आने का आह्रान किया।
आतंक के खिलाफ दुनिया के साझा सहयोग को प्राथमिकता देते हुए हरीश ने कहा कि हमें इसके खिलाफ दृढ़ता से खड़े होना होगा और आतंकवाद विरोधी समूहों द्वारा दुष्प्रचार फैलाने के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के दोहन पर भी नजर रखनी होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली डिक्लेरेशन पर आधारित अबू धाबी सिद्धांत और अल्जीरिया के मार्गदर्शक सिद्धांत इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने कहा आतंकवाद से सख्त शून्य-सहिष्णुता (जीरो-टॉलरेंस) नीति के साथ निपटना होगा और दोहरे मानकों के लिए कोई जगह नहीं छोड़नी होगी। अफ्रीका में संघर्ष की पुनरावृत्ति को रोकने और स्थायी शांति और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख शांति निर्माण सिद्धांतों का पालन करना होगा। घरेलू समाधानों के माध्यम से अपनी चुनौतियों का समाधान करने में अफ्रीकी नेतृत्व का समर्थन करें।
भारतीय राजदूत ने कहा कांगो, सूडान और सोमालिया में शांति स्थापना मिशनों में भारत की भागीदारी और हमारे भारत-अफ्रीका रक्षा मंत्रियों की बैठक के माध्यम से हमने आतंकवाद का मुकाबला करने और क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। भारत इस संकट के खिलाफ अफ्रीकी भाइयों और बहनों के साथ दृढ़ता से खड़ा है।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Solve : *
19 + 2 =