चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर सहमत, अप्रिय घटनाओं को टालने के लिए जारी रहेगी बातचीत

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भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 28वीं बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर व्याप्त गतिरोध के मुद्दों पर गहन मंथन हुआ।
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, वहीं चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्री मामलों के महानिदेशक ने पड़ोसी देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा अधिकारियों की इस उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों देशों के बीच व्याप्त गतिरोध एवं विवादित मुद्दों को हल करने पर रचनात्मक चर्चा हुई। पूर्वी लद्दाख में पूर्ण सैन्य विघटन (सेना को पीछे हटाने) के प्रस्तावों पर भी खुली, रचनात्मक और गहन चर्चा हुई। दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने, जमीन पर स्थिर स्थिति सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने पर सहमत हुए हैं।
इसके अलावा दोनों पक्ष उपरोक्त उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत जारी रखने और वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के अगले दौर को जल्द से जल्द आयोजित करने पर सहमत हुए।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर सहमत, अप्रिय घटनाओं को टालने के लिए जारी रहेगी बातचीत

भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 28वीं बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर व्याप्त गतिरोध के मुद्दों पर गहन मंथन हुआ।
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, वहीं चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्री मामलों के महानिदेशक ने पड़ोसी देश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा अधिकारियों की इस उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों देशों के बीच व्याप्त गतिरोध एवं विवादित मुद्दों को हल करने पर रचनात्मक चर्चा हुई। पूर्वी लद्दाख में पूर्ण सैन्य विघटन (सेना को पीछे हटाने) के प्रस्तावों पर भी खुली, रचनात्मक और गहन चर्चा हुई। दोनों पक्ष सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने, जमीन पर स्थिर स्थिति सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने पर सहमत हुए हैं।
इसके अलावा दोनों पक्ष उपरोक्त उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत जारी रखने और वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के अगले दौर को जल्द से जल्द आयोजित करने पर सहमत हुए।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

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